जीवन की एक छोटी सी भूल कभी-कभी सदियों की सजा बन जाती है - मुनिश्री

Sep 14 2020

ग्वालियर। एक छोटी-सी भूल कभी-कभी सदियों की सजा बन जाती है। इसलिए हमें जीवन को सही और व्यवस्थित तरीके से जीना चाहिए। जिन मां-बाप ने हमें खून दिया उन्हें बुढ़ापे में खून के आंसू बहाने पर मजबूर करना कायरता है। हमें जीवन में उपयोगिता के बदले उपयोगिता, भावना के बदले भावना चाहिए। लेकिन कर्तव्य के बदले कुछ नहीं लेना चाहिए। कर्तव्य नि:स्वार्थ भावना से करना चाहिए।  यह विचार क्रांतिकारी मुनिश्री प्रतीक सागर महाराज ने  सोमवार को सोनागिर स्थित आचार्य श्री पुष्पदंत सागर सभागृह में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही।
मुनिश्री ने कहा कि जिन माता-पिता ने अपने खून से हमें बड़ा किया उनके लिए खून बहा देना मानवता है। असहाय जीवों का खून बहाना हिंसा और अमानवीयता है। हमें कर्तव्यनिष्ठ होकर जीवन जीना चाहिए। कर्तव्य के पालन में तर्क नहीं समर्पण की जरूरत पड़ती है। जो मनुष्य सुखी, स्वाभिमान और स मान के साथ जीवन जीने के लिए ये सूत्र अपनाते हैं। उनका जीवन सुखी बन जाता है। वो दूसरों को भी सुख देते हैं।
चातुर्मास समिति के प्रचार संयोजक सचिन जैन आदर्श ने बताया कि मुनिश्री प्रतीक सागर महाराज के मंगल प्रवचन प्रतिदिन होंगे। वही रविवार को दोपहर 3 बजे से विशेष धर्म सभा का आयोजन भ_ारक कोठी के सामने अमोल वाली धर्मशाला के आचार्य पुष्पदंत सागर सभागृह में आयोजन किया जाएगा।