इस बार ग्वालियर पूर्व में कांटे का मुकाबला

Sep 14 2020

ग्वालियर। जि़ले में सबसे रोचक और काँटे का मुक़ाबला पूर्व विधानसभा की सीट पर होने जा रहा है। सतीश सिकरवार को यदि टिकट मिला तो उनके अश्वमेध यज्ञ घोड़ा केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ही रोक पायेंगे। इसके साथ ही कॉंग्रेस के क़द्दावर नेता डॉ ग़ोविंद सिंह व लोकल स्तर पर मितेन्द्र की नाराजग़ी करना भी जरुरी होगा। 
मप्र में होने जा रहे उप चुनावों को लेकर भाजपा और कॉंग्रेस में भारी खींचतान मची हुई है। पिछली बार कॉंग्रेस से चुनाव लड़कर जीते मुन्नालाल गोयल इस बार भाजपा से उप चुनाव के मैदान में है। जबकि पिछली बार भाजपा से चुनाव लड़कर हारे सतीश सिकरवार कॉंग्रेस जॉइन कर चुके है। मज़े कि बात यह है कि जिन पंद्रह लोगों के नाम कॉंग्रेस ने फ़ाइनल किये है उनमें सतीश सिकरवार का नाम नहीं है। इसके बावजूद सतीश सिकरवार कॉंग्रेस से तय होने वाले नामों में नंबर वन पर है। जबकि पीछे से युवक कॉंग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मितेन्द्र सिंह की दावेदारी भी दिल्ली स्तर पर ज़ोरों पर है। 
भाजपा व मुन्नालाल गोयल को पूर्व से चुनाव जिताने के लिये इस बार केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है । सतीश सिकरवार स्वर्ण व क्षत्रियवादी से आते है। इसमें उनकी पकड़ भी अच्छी है, जबकि क्षत्रियों व अन्य स्वर्णों को साधने के लिये नरेन्द्र सिंह तोमर की ग्राउंड लेवल पर ऐंट्री मायने रखेगी। वहीं पिछले चुनाव में खुलकर क्षत्रिय वोट बैंक में सतीश सिकरवार का विरोध करने वाले डॉ गोविंद सिंह का ग़ुस्सा भी शांत करना बेहद जरुरी होगा। ये बात और है कि दोनों ही अब एक ही पार्टी में है। जबकि भिंड लोकसभा को लेकर डॉ गोविंद सिंह के मन में बैठी टीस इस चुनाव में ख़त्म करना जरुरी है। वहीं यदि टिकट लाने में सफल होने के बाद सतीश को पूर्व से कॉंग्रेस के प्रबल दावेदार माने जाने वाले मितेन्द्र सिंह को भी साधना बेहद जरुरी होगा। दरअसल स्काईलैब की तरह कॉंग्रेस में आकर टिकट लेना पुराने कॉग्रेिसयो को बहुत अखरेगा। यह भी सतीश को मैनेज करना ही होगा।