बिजली बिल माफी को लेकर ऊर्जा मंत्री का बंगला घेरा

Sep 11 2020

ग्वालियर। कोरोना काल के छह माह के बिजली बिलों को माफ करने की मांग को लेकर  शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्यु न सिंह तोमर के बंगले का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इसके बाद ज्ञापन देकर चेतावनी भी दी गई कि यदि जल्द ही मांगों का निराक्रण नहीं किया गया तो फिर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इससे पहले माकपा के बैनर तले दर्जनों की सं या में लोग फूलबाग से रैली निकालकर नारे लगाते हुए मंत्री के बंगले पहुंचे। तोमर से ज्ञापन में कहा गया कि कोविड 19 वैश्विक महामारी के चलते पूरी दुनिया प्रभावित हुई है, देश में भी इसका बड़ा असर हुआ है। भारत में बगैर किसी सुनियोजित तैयारी के अचानक ही चार चरणों के लॉकडाउन ने हालात और ज्यादा खराब कर दिये है, खासकर गरीब, मध्यम, एवं ग्रामीण इससे सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। आम जनता, खासकर मजदूर तबके के सामने सबसे बडी समस्या भोजन एवं रोजगार की थी, सरकारी आकड़ों के अनुसार देश भर में 15 करोड़ से ज्यादा लोगों के रोजगार चले गए। इस लॉकडाउन में मजदूर, किसान तथा छोटे- छोटे व्यापारी तबके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है।            
मंत्री से रूबरू होकर यह भी कहा गया कि इस दौरान जनता पर अनाप शनाप बिजली के बिल थोपे गये है। जबकि जनता की आर्थिक हालत ऐसी नही है कि वह बिलों में आई मोटी रकम चुका सकें। 27 अगस्त को प्रदेश के ऊर्जा विभाग के पत्र के हवाले से यह जानकारी मिली है कि जनता एक किलोवॉट क्षमता वाले उपभोक्ताओं के अगस्त माह तक के बिजली के बिल स्थगित किये जाने का उल्लेख है। इससे इस बात का संदेह भी उत्पन्न होता है कि उपचुनाव के बाद से जनता से वसूली की जा सकती है, जबकि जनता के बिल माफ किये जाने की आवश्यकता है।
यह मांगें थीं शामिल
कोरोना काल के बिजली के बिल माफ किये जाने की स्पष्ट घोषणा की जाए, 100 यूनिट बिजली खपत पर गरीब जनता के 100 रुपये लिया जाना तय किया जाए, बिजली दरों में कमी की जाए साथ ही विद्युत दरों के साथ-साथ अन्य शुल्क लगाकर जनता के साथ की जा रही ज्यादती को बंद किया जाए।