जिद के कारण कई बार इंसान अपना हरा-भरा परिवार खत्म कर लेता है -मुनिश्री

Sep 11 2020

ग्वालियर। आज के युग मे इंसान अपने चेहरे पर कई तरह के मुखौटे लिये घूम रहा है, परंतु अगर जीवन में धर्म आ जाये तो किसी मुखौटे की जरूरत नहीं है। जिद ऐसी दीवार है, जो प्रत्येक रिश्ते को समाप्त कर देती है। जिद के कारण कई बार इंसान अपना हरा-भरा परिवार खत्म कर लेता है। यह बात क्रांतिकारी मुनिश्री प्रतीक सागर महाराज ने सोनागिर स्थित आचार्यश्री पुष्पदंत सागर सभागृह  में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कही। 
मुनिश्री ने कहा की आज इंसान अपने आपको धार्मिक दिखाने के लिये कई तरह के आडंबर करता है परंतु जब धर्म मनुष्य के हृदय में आ जाता है तो उसे किसी भी भौतिक सुख की तृष्णा नहीं रहती और उसका जीवन आनंदमय हो जाता है। 
मुनिश्री  ने कहा क्रोध गुस्सा इंसान के जीवन को नरक बना देता है इसलिए व्यक्ति को दोनों बुराइयों से दूर रहना चाहिए। आज इंसान गुस्से जिद के कारण अपना आपा खो बैठता है, जिसको लेकर वह कई बार ऐसा कार्य कर बैठता है जिसके लिए उसे उम्र भर पछताना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अहिंसा का मार्ग ही सरल सुखम मार्ग है इसलिए इंसान को अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए वीर प्रभु का सिमरन करना चाहिए । प्रभु का नाम सिमरन करने से हृदय में धर्म के आने से मन शांत होगा और जीवन आनंदमय बनेगा।