प्रतिमा पर राजनीति न करें शिवराज सरकार

Sep 09 2020

ग्वालियर। गुर्जर प्रतिहार राजवंश के चक्रवर्ती सम्राट और ग्वालियर में ही जन्मे मिहिर भोज की मूर्ति स्वीकृति के बावजूद स्थापित नहीं की जा रही है। नगर और प्रदेश सरकार की लेतलाली अथवा लापरवाही से ग्वालियर के गुर्जर समाज में रोष है। समाज के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही मूर्ति स्थापित नहीं की गई तो गुर्जर समाज आंदोलन के लिए मैदान में उतरेगा।
ऑल इंडिया गुर्जर विकास संगठन के जिलाध्यक्ष निहाल सिंह गुर्जर नेताजी एवं एडवोकेट रणवीर सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि नगर निगम द्वारा अनेक महापुरुषों की प्रतिमाएं शहर के विभिन्न चौराहों पर स्थापित की गई हैं। निश्चित रूप से यह कार्य शहर को गौरवान्वित करने के साथ ही विकास में अग्रणी कदम है। किंतु ग्वालियर में ही जन्मे महान सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति नगर निगम से स्वीकृति के बावजूद स्थापित होने के लिए बाट जोह रही है। जबकि इसके बाद तैयार हुईं दो मूर्तियां रानी अवंतीबाई लोधी और गोगा देव की मूर्ति स्थापित भी हो चुकी हैं। स्थानीय नगर सरकार इसमें लापरवाही बरत रही है अथवा प्रदेश सरकार ने कोई पेंच डाला है, यह तो नहीं पता लेकिन यदि प्रदेश की शिवराज सरकार इसमें शीघ्र संज्ञान नहीं लेती है तो इसे प्रदेश के लगभग एक करोड़ गुर्जर समुदाय की भावना से खिलवाड़ माना जाएगा। 
संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि गुर्जर प्रतिहार राजवंश द्वारा निर्मित मुरैना के बटेश्वर एवं नरेश्वर मंदिरों के समूह तथा दक्षिण भारत की तेलंगाना शैली में बना मंदिर, जिसे तेली का मंदिर भी कहा जाता है सहित अमरौल का रामेश्वरम मंदिर गुर्जर प्रतिहार राजवंश की ऐतिहासिक धरोहरें हैं। संगठन पदाधिकारियों ने दो टूक शदों में कहा कि यदि सात दिन के अंदर प्रतिमा की स्थापना नहीं की जाती है तो ग्वालियर-चंबल का संपूर्ण गुर्जर समाज धरना, प्रदर्शन तथा निगम कमिश्नर का घेराव करेगा। इसके साथ ही आगामी उपचुनाव में भाजपा का सभी 27 सीटों पर खुलकर विरोध करेगा। गुर्जर विकास संगठन के जिलाध्यक्ष निहाल सिंह गुर्जर नेताजी ने आगे कहा कि प्रदेश की शिवराज सरकार समाज के पिछड़े वर्ग के साथ भी पक्षपात पूर्ण व्यवहार कर रही है। गौरतलब है कि पूर्व की कमलनाथ सरकार ने पिछड़े वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की थी। किंतु शिवराज सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया और न ही आ रहीं कानूनी अड़चनों को दूर करने का कोई प्रयास किया है। गुर्जर समाज प्रदेश की शिवराज सरकार से मांग करता है कि इस दिशा में भी शीघ्र कार्रवाई की जाए। अन्यथा पिछड़े वर्ग के विरोध को झेलने के लिए भी तैयार रहे।