डीएड की परीक्षा शुरु, हाथों को कराया सेनेटाइज शिक्षक बनने से पहले हुई तलाशी

Sep 01 2020

ग्वालियर। शिक्षक बनने के लिए परीक्षार्थी सुबह से ही परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे जहां कोरोना संक्रमित से बचाव करने के साथ-साथ नकल रोकने के लिए परीक्षार्थियों की सावधानी के साथ तलाशी ली जा रही थी। परीक्षा के दौरान कोई गड़बड़ी न हो इसे देखते हुए परीक्षा सेंटरों पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। सुबह होते ही सेंटरों पर जहां भीड़ लग गई तो वहीं अच्छी खासी परेशानी का सामना भी लोगों को करना पड़ा।
मंगलवार से शहर के 23 केंद्रों पर डिप्लोमा इन एजुकेशन (डीएलईएड) की परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होनी थी लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही परीक्षार्थियों की भीड़ केंद्रों पर लगना शुरू हो गई। परीक्षा के पहले दिन परीक्षा सेंटरों पर पहुंचने के लिए परीक्षार्थियों को अच्छी खासी मशक्कत का सामना ाी करना पड़ा। सेंटरों पर सुबह 8.30 बजे से प्रवेश दिया गया और नकल जैसी इबारत कक्षों में न पहुंचे इसे देखते हुए बारीकी से पूछताछ करते हुए तलाशी ली गई तो वहीं कोरोना से बचाने के लिए थर्मल स्क्रिनिंग और हाथों को सेनेटाइज भी कराया गया।                      
स्कूलों के बाहर लगा जाम
परीक्षा सेंटर पर पहुंचने वाले परीक्षार्थियों के कारण आमजन को अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा तो पुलिस को भी जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। मंगलवार की सुबह परीक्षार्थी सेंटरों पर 7 बजे से ही पहुंचना शुरू हो गए थे और परीक्षार्थियों के साथ इनके अभिभावक भी पहुंचे। अधिकांश परीक्षार्थी बाहर से आए हुए हैं, जिससे वह सेंटरों के बाहर ही खड़े रहे और जाम की स्थिति निर्मित हो गई। परीक्षा सेंटरों के बाहर जाम लगने से पुलिसकर्मियों को मशक्कत करनी पड़ रही थी। सुबह शासकीय पद्मा विद्यालय, गजराराजा स्कूल, मुरार उत्कृष्ट विद्यालय 2, जीवाजीराव, उत्कृष्ट विद्यालय क्रं. एक सहित कई स्कूलों के बाहर जाम लगा रहा।           
 नहीं हुआ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए थे और स्कूलों में गोले बनाने के लिए जिला शिक्षाधिकारी द्वारा कहा गया था जिससे परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के बीच फासला हो सके और कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके, लेकिन परीक्षा के पहले दिन न तो स्कूलों में गोले नजर आ रहे थे और न ही शारीरिक दूरी का पालन हो रहा था, आलम यह था कि सुबह गेट खुलने के साथ ही परीक्षार्थियों की अच्छी खासी भीड़ सेंटरों पर पहुंची और इस दौरान शारीरिक दूरियों की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। अपना रोल नंबर जानने के लिए परीक्षार्थी और उनके अभिभावक भीड़ लगाकर खड़े रहे।