धूप दशमी पर श्रीजी के चरणों में अर्पित की धूप, सुगंध से महक उठे मंदिर

Aug 28 2020

ग्वालियर। दिगंबर जैन समाज दशलक्षण (पर्यूषण) पर्व के तहत शुक्रवार को भाद्रपद शुक्ल दशमी को दिगंबर जैन समाज में सुगंध दशमी का पर्व मनाया। सुबह दसलक्षण संयम धर्म एवं सुंगध दशमी व्रत की पूजा घरों में कई गई! जैन धर्मावलंबी ने सोशल डिस्टेसिंग के साथ शहर 85 जैन मंदिरों में जाकर श्रीजी के चरणों में धूप अर्पित की। इससे वायुमंडल सुगंधित व स्वच्छ हो गया। धूप की सुगंध से जिनालय महक उठे। जैन मंदिरों पर लाइटिंग सजावट एवं जैन ध्वजा लगकर सजावट की गई।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि सुगंध दशमी व्रत का दिगंबर जैन धर्म में काफी महत्व है। महिलाएं हर वर्ष इस व्रत को करती हैं। धार्मिक व्रत को विधिपूर्वक करने से मनुष्य के सारे अशुभ कर्मों का क्षय होकर पुण्य की प्राप्ति होती है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही सांसारिक दृष्टि से उत्तम शरीर प्राप्त होना भी इस व्रत का फल बताया गया है। सुगंध दशमी के दिन हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह इन पांच पापों के त्याग रूप व्रत को धारण करते हुए चारों प्रकार के आहार का त्याग, मंदिर में जाकर भगवान की पूजा, स्वाध्याय, धर्मचिंतन-श्रवण, सामयिक आदि में अपना समय व्यतीत करने का महत्व है। इस दिन जैन धर्मावलंबी सोशल डिस्टेसिंग के साथ व माक्स लगकर अपनी-अपनी श्रद्धानुसार कई मंदिरों में जाकर अपने शीश नवाकर सुंगध दशमी का पर्व उत्साह से बनाया गया। सुगंध दशमी के दिन नगर के 85 जैन मंदिरों में जाकर 24 तीर्थंकरों को धूप अर्पित की गई। सभी जैन धर्मावलंबियों ने इस पर्व को बड़े ही उत्साह और भक्तिभाव के साथ अपने अपने घरों भी  मनाया।
 जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि सुगंध दशमी को हर साल जैन मंदिरों में विशेष तौर पर साज-सज्जा, आकर्षक मंडल विधान सजाने के साथ-साथ मनोहारी झांकियों का निर्माण भी किया जाता था मगर कोरोना माहमारी सकंट को देखते हुए इस बार मंदिर समितियों ने सजावट नहीं की गई।