हाजिरी लगाकर हुए गायब, उपायुक्त ने लगाई फटकार

Aug 28 2020

ग्वालियर। शहरभर की सफाई का जि मा संभालने वाले सफाई कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति कितने संवेदनशील हैं इसका उदाहरण  उस समय देखने को मिला जब जगह- जगह गंदगी के ढेर लगे हुए थे और सीवर चोक होने से पानी सड़क पर बह रहा था। यह नजारा नगर निगम के अफसरों ने निरीक्षण के दौरान देखा तो तत्काल संबंधित जेडओ को तलब किया। गंदगी देखकर पूछताछ की तो पता चला कि जिस क्षेत्र में गंदगी पड़ी है वहां की सफाई का जि मा एक दो नहीं बल्कि आधा दर्जन कर्मचारी संभाल रहे हैं। अधिकारियों ने जब इनकी हाजिरी रजिस्टर देखे तो सभी की हाजिरी भरी हुई थी लेकिन यह ड्यूटी से नदारत थे।
शुक्रवार की सुबह सफाई व्यवस्था को देखने के लिए नगर निगम के उपायुक्त सतपाल सिंह चौहान पीएचई कालोनी में निरीक्षण करने के लिए पहुंचे जहां उन्हें जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे मिले। उपायुक्त ने जब यह नजारा देखा तो नाराजगी जताते हुए संबंधित वार्ड अधिकारी और जेडओ को तलब करने के साथ- साथ स्थानीय लोगों से पूछताछ की। 
स्थानीय लोगों ने बताया कि सफाई कर्मचारी यहां तो आते ही नहीं है और सात-आठ दिन में अगर आते भी हैं तो खानापूर्ति कर चले जाते हैं। जेडओ ने बताया कि कर्मचारी तो रोज हाजिरी भरने के बाद सफाई करने के लिए पहुंचते हैं जिस पर उपायुक्त ने फटकार लगाई। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी और हाजिरी भरकर नदारत मिले ऐसे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया जिनमें बृजेश, अशोक, ममता, मोनू, समला, रेखा, अरविन्द, वर्षा, अनीता और लक्ष्मीनारायण शामिल हैं।             
शहर की सफाई व्यवस्था कैसे दुरुस्त हो इसकी पोल अधिकारी खुद ही खोल रहे हैं। आज सुबह निरीक्षण पर निकले उपायुक्त ने कई वार्डों में पहुंचकर निरीक्षण किया और सफाई कर्मचारियों की गिनती की तो किसी वार्ड में 10 तो किसी में 12 कर्मचारी नदारत मिले। उपायुक्त ने जब कर्मचारियों की गिनती की तो 63 में से 10 कर्मचारी नदारत थे जिन पर कार्रवाई की जा रही है। गायब कर्मचारियों में नरेन्द्र, शिवम, रजत, बबीता, माधवी शामिल हैं इसके साथ सफाई मित्र लक्ष्मी और नारायण की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और डब्ल्यूएचओ को नोटिस दिया गया है।