आज गश्त नहीं करेंगे ताजिए

Aug 28 2020

ग्वालियर। हजरत इमाम हुसैन की याद में ताजियों की स्थापना की गई है और इमामबाड़ों में पहुंचकर जायरीन ताजियों पर सेहराबंदी कर अमन और चैन की दुआ मांग रहे हैं। शहादत की रात पर ताजिए गश्त करने के लिए अपने मुकाम से बाहर नहीं आएंगे। हर वर्ष मेहंदी की रात पर नाल साहब की सवारी गश्त करने के लिए जोर शोर के साथ निकलती है तो हजरत अब्बास अलम की सवारी निकाली जाती है। शहादत की रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक ताजिए गश्त करते हुए महाराज बाड़े पर एकत्रित होते हैं लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते न तो सवारी निकलेगी और न ही ताजिए अपने मुकाम से बाहर आएंगे। मोहर्रम के आखिरी दिन सुबह 5 बजे सवारियां सागरताल पहुंचेगी और वह भी पांच लोगों के साथ और पानी का छींटा लगाकर वापस आ जाएंगी।