जैन मदिरों में भगवान जिनेन्द्र का अभिषेक कर शांतिधारा की बही भक्ति की धार

Aug 24 2020

ग्वालियर। शहर के संपूर्ण दिगंबर जैन समाज में आत्मशुद्धि के पर्यूषण के दूसरे दिन सोमवार को दिगंबर जैन मंदिरो की समितियो के 5 से 7 लोगो ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ भगवान जिनेद्र की प्रतिमाओ का अभिषेक कर संसार के सभी जीवों के आत्म कल्याण की भावना को लेकर एवं मंत्रो उच्चारण कर शांतिधारा के साथ कोरोन महामारी से मुक्ति के लिए विषेश प्रार्थन की गई।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि अधिकांश लोगो ने घरो में ही रहकर व्रत रखने के साथ भगवान जिनेद्र की आराधना व पर्व से जुड़ी विभिन्न साधनाएं कर रहे हैं। घर-घर में ही मुनियों व आचार्यो के सोशल मीडिया के माध्यम से प्रवचन व संदेश सुन रहे है।
पर्युषण पर्व पर घरो में उमड़ रही श्रद्धाभक्ति, उत्तम मार्दव धर्म की हुई पूजा
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्ष कलम ने बताया कि जैन धर्म के प्रमुख पर्युषण पर्व पर घरो में उमड़ रही भक्ति। आज दूसरे दिन श्रावक-श्राविकाओं ने उत्तम मार्दव धर्म का अनुसरण किया। श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक रूप से उत्तम मार्दव की अश्ट्रद्रव्य से विशेष पूजा आर्चना कर प्रभु की भक्तिभाव से पूजन के साथ अर्घ समर्पित कर नमन किया। प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मार्दव का अर्थ मृदुता और उत्तम का अर्थ है श्रेष्ठ, अतरू जहां श्रेष्ठ मृदुता है, वही उत्तम मार्दव धर्म है। जीवन के विकास के लिए अहं का विसर्जन आवश्यक है, क्योंकि अहं से ग्रसित व्यक्ति के अन्दर कभी भी समर्पण का भाव नहीं आ सकता। शाम को घरो में भगवान की आरती की गई।
श्री दिग बर जैसवाल जैन पंचायती मंदिर बड़ा गांव मुरार का लगभग 400-500 वर्ष पुराना है।। मंदिर मे श्रीजी की प्रतिमा जी भी बहुत प्राचीन है जिनका इतिहास लग मुरार में स्थित श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर की स्थापना के समय मूलनायक प्रतिमा श्री 1008 सुपार्श्व नाथ भगवान की बड़ागाँव जैन मंदिर से ही लाई गई थी। शांतिधारा तनमय जैन मुरार परिवार ने की।