कॉलेजों में सत्यापन कराने भीड़ थर्मल स्क्रीनिंग कर मिल रहा प्रवेश

Aug 23 2020

ग्वालियर। स्नातक और बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी। ई-सत्यापन होने के बाद भी विद्यार्थी बड़ी सं या में कॉलेज पहुंच रहे हैं। इस वजह से प्राध्यापक दहशत में हैं। कोरोना संक्रमण को कई जगह प्राध्यापकों की ड्यूटी को लेकर आनाकानी कर रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कॉलेजों में दाखिले की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और दस्तावेजों का सत्यापन कराने के लिए छात्र-छात्राएं पहुंच रहे हैं। कोरोना संक्रमण के भय के कारण छात्र-छात्राओं को प्रवेश देने से पहले गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और जिन विद्यार्थियों का टे प्रेचर ज्यादा निकल रहा है उन्हें वापस लौटाया जा रहा है। कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सभी कॉलेजों में अतिरिक्त हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, जिनमें हर दिन बदल-बदलकर प्राध्यापकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। 
सरकारी कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए पंजीयन और ई-सत्यापन करवाने के निर्देश हैं। इसके लिए हर कॉलेज को पर्याप्त हेल्प डेस्क बनाई है ताकि विद्यार्थियों को जानकारी सही मिल सके। दरअसल, विभाग ने कोरोना संक्रमण की वजह से विद्यार्थियों को घर बैठे ही प्रवेश की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की व्यवस्था की हुई है लेकिन अधिकांश विद्यार्थियों का ई-सत्यापन एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर नहीं हो पा रहा है इस वजह से विद्यार्थी कॉलेज में ही सत्यापन के लिए पहुंच रहे हैं। 
यह बरत रहे हैं सावधानियां
कॉलेजों में दाखिले के दौरान छात्र-छात्राओं की भीड़ बढ़ती जा रही है और दस्तावेजों का सत्यापन कराने के लिए विद्यार्थी पहुंच रहे हैं। कोरोना संक्रमण न फैले इसके लिए कॉलेजों में कई सावधानियां बरती जा रही हैं। शासकीय कमलाराजा कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंजू दुबे ने बताया कि छात्राओं के लिए गोले बनाए गए हंै और 10 हेल्प डेस्क बनाए हैं जिससे भीड़-भाड़ न हो सके इसके अलावा गेट पर सेनेटाइजर रखा गया है व स्क्रीनिंग की जा रही है। हेलप डेस्क पर भी सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई है। दस्तावेजों को सेनेटाइज करने के बाद ही देखा जा रहा है। 
प्रधानाध्यापक कर रहे विरोध
ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद सत्यापन भी ऑनलाइन ही हो रहा है, लेकिन कई विद्यार्थियों को इसकी जानकारी नहीं है जिससे वह कॉलेज पहुंच रहे हंै, जिससे भीड़ बढ़ रही है। विद्यार्थी शहर और आसपास के इलाकों से पहुंच रहे हैं कई संक्रमित इलाकों से आते हैं जिस वजह से प्राध्यापक डरे हुए हैं। 50 से ऊपर की उम्र वाले प्राध्यापकों को संक्रमण का अधिक डर बना हुआ है। जो अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं, वे भी ड्यूटी करने से कतरा रहे हैं।
इनका ऑनलाइन नहीं सत्यापन
एमपी ऑनलाइन के माध्यम से दस्तावेजों का सत्यापन होना था लेकिन सीबीएसई, ओपन स्कूल, मप्र के बाहर के विद्यार्थी और बीएड में प्रवेश लेने वाले सभी अ यर्थियों का ऑनलाइन सत्यापन नहीं हो रहा है। ऐसे सभी विद्यार्थियों को कॉलेज में उपस्थित होकर दस्तावेजों का खुद सत्यापन करवाना पड़ रहा है।