घर-घर विराज रहे गणपति बप्पा

Aug 22 2020

ग्वालियर। प्रथम पूज्य श्रीजी का उत्सव शनिवार से शुरु हो गया और सुबह से गणपति बप्पा मोरिया के घोष के साथ प्रतिमाओं को अपने घरों में विराजित करने के लिए श्रद्धालु ले जा रहे हैं। विधि-विधान के साथ श्रीजी की स्थापनाकर पूजा-अर्चना की जा रही है। गणेश महोत्सव का यह सिलसिला एक सित बर अनंत चतुर्दशी तक चलेगा।  शनिवार को श्रीजी की स्थापना चार शुभ मुहूर्तों में की जा रही है। गणेश स्थापना पर हस्त नक्षत्र का योग बना है।
शनिवार से दस दिवसीय गणेश महोत्सव के चलते सार्वजनिक स्थानों पर भले ही श्रीजी की स्थापना नहीं हो रही है भक्तों में उत्साह कम नहीं है। मूर्तिकारों के यहां सुबह से ही गणेश प्रतिमाएं लेने के लिए श्रद्धालु पहुंचना शुरु हो गए और विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर प्रतिमाओं को घरों में विराजित करने के लिए ले जा रहे हैं। प्रशासन की गाइडलान का पालन करते हुए गली-मोहल्लों और मल्टियों में इस उत्सव की शुरुआत हो गई, जहां आज स्थापना की गई तो वहीं कल से प्रतियोगिताएं भी आयोजित होगी।  मंदिरों में हो रही पूजा-अर्चना गणेश महोत्सव के चलते जहां प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही है तो वहीं गणेश मंदिरों में भी भक्त पहुंचकर आरती करते हुए खुशहाली की कामना कर रहे हैं। शहर के शिन्दे की छावनी, खासगी बाजार, कंपू, बहोड़ापुर, जीवाजीगंज सहित सभी गणेश मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी है।
 गजानन के स्वरूपों ने मन मोहा             
कोरोना संक्रमण को देखते हुए शहर में कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होगा। इधर शहर में कई स्थानों पर गजानन के स्वरूपों ने श्रद्धालुओं का मन मोहा। बाजारों में सुबह से खूब  रौनक दिखी। भक्त अपने घरों में विराजमान करने के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा ले जाते नजर आए। बड़ी प्रतिमाएं नहीं आईं
इस बार बाजार में बड़ी प्रतिमाएं नजर नहीं आईं। गणेश जी की लघु प्रतिमा कई आकर्षक स्वरूपों में श्रद्धालुओं का मन मोह रही थीं। शंख, मोर, चूहा आदि पर विराजे भगवान शिव तथा मां पार्वती की पूजा करते गणेश जी की प्रतिमा लोगों को खूब पसंद आयी। हालांकि इस बार यह प्रतिमाएं दुगने दाम पर लोगों को मिलीं। आधा फिट की प्रतिमा जो पिछले साल 40 से 50 रुपये की थी। वह लोगों को 100 रुपये में मिली।