22 को गणेश चतुर्थी, बड़े गणेश जी नहीं विराज सकेंगे

Aug 19 2020

ग्वालियर। कोरोना वायरस के कारण इस बार सार्वजनिक रूप से गणेश उत्सव का आयोजन नहीं होगा। पंडाल नहीं सजाए जा रहे हैं। लेकिन घरों में गौरी पुत्र गणेश की भक्ति तथा आराधना श्रद्धालुओं द्वारा की जायेगी। इस बार गणेश चतुर्थी 22 अगस्त को है। लेकिन इससे पहले 20 अगस्त से गणेश नवरात्र शुरू हो जाएंगे। धार्मिक मान्यता है कि गणेश नवरात्र में अखंड दीप प्रज्वलित कर अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है। सनातन धर्म में भगवान गणेश को विनायक, गणपति, विघ्नहर्ता कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि किसी भी शुभ काम को करने से पहले गणेश भगवान की पूजा की जाती है। 
पूरे देश में भादों शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। श्रद्धालु अपने घर में भगवान गणेश की प्रतिमा विराजमान करते हैं। लेकिन कोरोना वायरस के कारण हर साल की तरह सार्वजनिक उत्सव नहीं होंगे। घरों में भक्त अपने प्रिय भगवान की सेवा पूजा करेंगे। चतुर्थी से पहले गणेश नवरात्र प्रारंभ हैं। इसी प्रकार ताजिये भी निजी भूमि या घरों पर छोटे रूप में लगाने की बात कही है।                  
29 को निगम वाहन में होगा विसर्जन           
 विसर्जन वाले दिन नगर निगम के वाहन में गणेश प्रतिमा और ताजियों को विसर्जन स्थान तक वाहन में रखकर सह स मान पूर्वक विसर्जन किया जावेगा। जानकारी अनुसार निगम के कई वाहन गणेश प्रतिमा एवं ताजिया विसर्जन करने के लिये शहर के गली-मोहल्ले और कॉलोनियों से विसर्जन स्थल तक ले जाकर सह स मान पूर्वक विसर्जन करायेंगे।
घरों में ही रहकर मनाएं पर्व                   
22 अगस्त से 29 अगस्त तक गणेश उत्सव, 29 अगस्त को डोलग्यारस और 30 अगस्त को मोहर्रम त्यौहार घरों में ही रहकर मनाने का अपील जिला प्रशासन ने की है। किसी भी प्रकार की झांकी, ताजियों के जुलूस नहीं निकालें जाएंगे, जहां तक हो गणेश प्रतिमा और ताजियों का रूप छोटा ही रहे। शासन की गाइडलाइन के अनुसार गणेश उत्सव की प्रतिमायें नहीं लगाई जायेंगी, किसी भी प्रकार की झांकी खुले में सार्वजनिक स्थानों पर न लगायें।