एमएलबी काजेज के छात्र-छात्राओं ने मितावली, पड़ावली एवं बटेश्वर क्षेत्र का भ्रमण किया

Feb 13 2026

ग्वालियर। महारानी लक्ष्मीबाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय (एमएलबी) के राजनीति विज्ञान विभाग एवं संस्कृत विभाग के छात्र-छात्राओं ने शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम में मितावली, पड़ावली एवं बटेश्वर क्षेत्र का भ्रमण किया।
विभाग के प्रो. डॉ दीपक शर्मा ने छात्र-छात्राओं को बताया कि यह पुरातात्विक स्थल है। 14वीं शताब्दी का प्रसिद्ध गोलाकार चौंसठ योगिनी मंदिर है, जो अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जबकि पड़ावली में दसवीं शताब्दी का शिव मंदिर और ऐतिहासिक किला है। यह स्थल 6-11वीं शताब्दी के मंदिरों और वास्तु कला के लिए जाने जाते हैं।
 मितावली चौंसठ योगिनी मंदिर भारतीय संसद की प्रेरणा है, 1323 ईस्वी में कछवाहा राजा देवपाल द्वारा निर्मित 64 कौठरियां (योगिनियों के लिए) और एक केंद्रीय शिव मंदिर है। पड़ावली अपनी नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है, वही बटेश्वर में लगभग 200 छोटे-बड़े शिव और विष्णु के मंदिर हैं, जिन्हें 8वीं 10वीं शताब्दी में प्रतिहार शासको ने बनवाया।
भ्रमण पर आए स्पेनिश यात्रियों का एक दल भी आया था। उनसे मुलाकात के दौरान विभाग अध्यक्ष प्रो. कुसुम भदौरिया ने भारतीय संस्कृति के अनुरूप उनका अभिवादन नमस्कार मुद्रा में किया तो वह सभी जय गोविंदा, जय गोविंदा बोलकर खुशी के साथ मिले। वापस लौटते समय छात्र-छात्राओं को शनि मंदिर के दर्शन भी कराए गए।
भ्रमण कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो. कुसुम भदोरिया प्रो. रवि रंजन, प्रो. विभा दूरर्वा,डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. अनीता मेवाफरोश, डॉ. ज्योत्सना राजपूत, डॉ शशि कला राठौर एवं संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष खेमरिया. प्रो. नरोत्तम निर्मल एवं प्रो. अशोक बिश्नोई मौजूद रहे।