यूजीसी लागू करने और 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर सडक़ों पर उतरा पिछड़ा वर्ग

Feb 06 2026

भितरवार। यूजीसी एक्ट 2026 को लागू करने और 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर पिछड़ा वर्ग सडक़ों पर उतर आया है। आंदोलित हुए इस वर्ग ने इन मांगों को लेकर तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। शुक्रवार को नगर के दाऊ धाम प्रांगण में पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों लोग एकत्रित हुए जहां से नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने यूजीसी एक्ट के समर्थन में उसे लागू करने और लंबित 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर तहसीलदार धीरज परिहार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उन्होंने उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग दिल्ली के द्वारा अनुसूचित जाति,जनजाति के अनुसार पिछड़ा वर्ग के उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं पर होने वाले जातिगत भेदभाव के विरुद्ध समानता लाने जातिगत भेदभाव को मिटाने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग दिल्ली द्वारा यूजीसी एक्ट 2026 लागू किया गया था। जिसके विरुद्ध असंवैधानिक रूप से असमानता को बनाए रखने की नियति से तथाकथित लोगों के विरोध करने से यूजीसी एक्ट पर रोक लगा दी गई है।
जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का हनन होना बताया है। साथ ही बताया कि 1 फरवरी 2026 को संबंधित तथा कथित लोगों के द्वारा भारत बंद करने के प्रयास के दौरान पिछड़ा वर्ग के लोगों के साथ जगह-जगह अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की घटनाओं एवं पिछड़ा वर्ग को अनुच्छेद 16(4) की मंशानुसार पर्याप्त प्रतिनिधित्व के स्थान पर स्वीकृत 27 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ना देकर 14 प्रतिशत ही प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। जो पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के साथ देखा जाए तो घोर अन्याय है।
ऐसी स्थिति में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के प्रति होने वाले भेदभाव को समाप्त करने के लिए यूजीसी एक्ट 2026 को उसी रूप में लागू किया जाए। साथ ही अनुच्छेद 16 (4) की मंशानुसार पिछड़ा वर्ग (बीसी) की गणना कर पर्याप्त प्रतिनिधित्व लागू हो और पूर्व में स्वीकृत किए गए 27 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया जाए। पिछड़ा वर्ग की गणना की जाकर उसका उत्तर सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित किया जाए। जिससे कि पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को संविधान अनुसार पूर्ण लाभ मिल सके।
वहीं शिवपुरी जिले के नरवर कस्बा एवं करेरा में पिछड़ा वर्ग के सदस्यों पर हुई आपराधिक घटनाओं के आरोपियों के विरुद्ध एनएसए की कार्यवाही की जाए।
ज्ञापन देते समय संगठन संस्थापक आरएस राठौड़, भितरवार विधानसभा प्रभारी गजेंद्र सिंह रावत, करैरा विधानसभा प्रभारी हनुमन्त सिंह रावत, संगठन के दतिया विधानसभा प्रभारी साहब सिंह यादव, प्रभार कमेटी सदस्य कैलाश कुशवाह, राजेश रजक, विधानसभा अध्यक्ष रामेश्वर दयाल, करैरा विधानसभा अध्यक्ष जीतू यादव, विधानसभा उपाध्यक्ष तोरन सिंह कुशवाह, जसवंत सिंह यादव, पंचम सिंह आदि उपस्थित थे