ओलावृष्टि का कहर,तबाह हुईं फसलें, अन्नदाता हुआ बर्बाद, सडक़ पर बिछे बर्फ की चादर

Feb 03 2026

भितरवार। क्षेत्र के अन्नदाता किसानों को एक बार फिर प्रकृति की मार पड़ी है। कड़ी मेहनत से उगाई गई फसलों पर कहर बनकर हुई ओलावृष्टि से चीनोर क्षेत्र का किसान तबाह हो गया है। सुबह 5 बजे हुई भारी ओलावृष्टि से चीनोर तहसील के लगभग एक दर्जन गांवों के खेत, घर और सडक़ों पर बर्फ की चादर बिछ गई। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह खराब हो गईं। ओलावृष्टि से तबाही का ऐसा मंजर देख इन गांवों के किसान काफी परेशान नजर आए। 
वहीं ओलावृष्टि की सूचना पर कलेक्टर, एसडीएम,तहसीलदार अधिनस्तों के साथ तत्काल ओला पीडि़त गांवों में पहुंचे। और पीडि़त किसानों को उचित सहायता राशि दिलाए जाने का आश्वासन दिया। 
जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह 5 बजे के आसपास चीनोर तहसील के ग्राम  कछौआ, भोरी, ररुआ, चीनोर, आंतरी, करहिया, मेहगांव सिकरौदा, ऐराया आदि गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई। खेतों में फसलों से लेकर लोगों के घरों और सडक़ों के ऊपर चार से पांच इंच तक की मोटी परत के रूप में ओले जम गए। जिससे पूरा इलाका कुछ देर के लिए कश्मीर जैसा नजर आने लगा। 
बादलों की तेज गडग़ड़ाहट के साथ झमाझम बारिश और हुई भारी ओलावृष्टि को लेकर कछौआ कृषक मुकेश पटेल और अन्य किसानों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी ओलावृष्टि पहले कभी नहीं देखी। बड़े आकार के ओले इतनी तेजी से खेतों गिरे कि खड़ी फसलें पलभर में धराशाही हो गईं। गेहूं, सरसों, चना, मटर सहित अन्य रबी की फसलें पूरी तरह से तबाह व बर्बाद हो गईं। कहीं बालियां टूट गईं तो कहीं पौधे जड़ से उखड़ गए। किसानों की महीनों की मेहनत, महंगे बीज, खाद और सिंचाई पर किया गया खर्च एक ही झटके में बर्बाद हो गया। खेतों में जमी ओलों की परत ने किसानों की उम्मीदों पर भी ठंड की चादर डाल दी है।
वहीं ओलावृष्टि की जानकारी मिलते ही एसडीएम राजीव समाधिया, नायब तहसीलदार तत्काल इन गांवों में पहुंचे। और किसानों से कहा कि इस दुख की घड़ी में प्रशासन आपके साथ है। किसी प्रकार की चिंता न करें हर संभव सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों के निर्देश पर अधिनस्त कर्मचारियों ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान की प्रारंभिक जांच शुरू की। वहीं किसानों का कहना है। कि अधिकांश फसलों को 70 से 100 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।