भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने के मुददे पर पूरी तरह विफल : मितेन्द्र दर्शन सिंह

Jan 19 2026

ग्वालियर। युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मितेन्द्र दर्शन सिंह ने आरोप लगाया है कि राज्य की भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने के अपने ही वायदे से पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने कहा कि स्वयं भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री ने हर साल दो लाख युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया था जो भाजपा सरकार और उसके मुख्यमंत्री पूरी तरह विस्मृत कर चुके है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि वह भी राजस्थान सरकार जैसे ही प्रतियोगी परीक्षाओं की वन टाइम फीस ले जिससे बेरोजगार युवाओं को होने वाली परेषानियों से राहत मिल सके।
ग्वालियर में सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुये युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मितेन्द्र दर्शन सिंह ने राज्य के युवाओं की बदहाली पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा सरकारी वैंकेंसी निकल नहीं रही और प्रायवेट कंपनियां युवाओं को ठेके व दिहाडी पर काम करा रही है। इसी कारण राज्य के रोजगार कार्यालय में ही 26 लाख युवा रोजगार काम की तलाश में है। 
उन्होंने कहा कि नाम मात्र की प्रतियोगी परीक्षाएं भी सरकार की कमाई का जरिया बन रही है। जो युवाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में हर साल लाखों युवा सरकारी नौकरियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं। लेकिन भाजपा सरकार ने इन परीक्षाओं को कमाई का साधन बना लिया है। आज की स्थिति यह है कि हर परीक्षा के लिए अलग-अलग फॉर्म भरना पड़ता है, और हर बार भारी-भरकम शुल्क वसूला जाता है। एक युवा अगर पुलिस भर्ती या किसी अन्य परीक्षा में बैठना चाहे तो उसे बार-बार 500 से 1000 रुपये तक की फीस चुकानी पड़ती है। यह फीस कई बार बढ़ाई जाती है और इसमें आरक्षण वाले वर्गों को भी राहत नहीं मिलती।
मितेन्द्र दर्शन सिंह ने कहा कि सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक बार रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाए। एक सिंगल विंडो सिस्टम बनाया जाए जहां युवा एक बार रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी योग्यता और विवरण दर्ज करा सकें। उसके बाद, किसी भी परीक्षा के लिए अलग फीस न ली जाए। इससे न केवल आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी।
इसी प्रकार परीक्षा केंद्र प्रतिभागी के जिले से 100 किमी के अंदर दिया जाए’। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों का आवंटन आजकल इतना बेतरतीब है कि युवाओं को सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। एक युवा अगर ग्वालियर में रहता है तो उसका केंद्र भोपाल या जबलपुर में दिया जाता है। यात्रा में बस, ट्रेन या ऑटो का खर्च रहने-खाने का बोझ, और ऊपर से समय की बर्बादी। कई बार तो लड़कियां और ग्रामीण युवा परीक्षा ही छोड़ देते हैं क्योंकि उनके पास इतना पैसा या साधन नहीं होता कि वह परीक्षा देने जा सकें।
इस मौके पर युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय यादव, जेयू एनएसयूआई के अध्यक्ष पारस यादव, मीडिया प्रभारी कुलदीप कौरव आदि मौजूद थे।