धराशाही किए गए पुराने नगर परिषद भवन को लेकर पार्षद पति ने सीएमओ से मांगीं जानकारी

Jan 15 2026

भितरवार। धराशाही किए गए पुराने नगर परिषद कार्यालय का मामला दिन प्रतिदिन तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष के बाद एक पार्षद पति ने भी गिराए गए भवन को लेकर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। सीएमओ को आवेदन देते समय पार्षद पति ने इस मामले में स्थानीय निकाय पर अनियमितताएं बरते जाने का आरोप लगाया है।
गुरुवार को नगर के वार्ड 10 की पार्षद श्रीमती उर्मिला यादव के पति रघुबीर सिंह यादव नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने सीएमओ रीता कैलशिया को एक ज्ञापन और सूचना के अधिकार का पत्र सौंपा। जिसमें उन्होंने विन्दुबार जानकारी मांगते हुए उल्लेख किया कि पुराना नगर परिषद कार्यालय भवन व उससे सटा सीएमओ निवास को तोड़ा गया है। क्या यह बिल्डिंग जर्जर होकर गिरने की स्थिति में थी। और अगर जर्जर हो चुकी थी तब उसकी जांच कराई जाकर जांच रिपोर्ट के आधार पर बिल्डिंग तोडऩे की अनुमति प्राप्त की गई थी क्या जांच व परिषद के प्रस्ताव अनुमति या पीआईसी प्रति है क्या।
वहीं उन्होनं पूछा कि अगर पटिया, गाटर फरसी से निर्मित बिल्डिन तोडऩे की अनुमति अनुसार क्या विधिवत निविदा जारी कर दरें प्राप्त की गईं। प्राप्त दर स्वीकृति प्रस्ताव की प्रति निविदा प्रति है क्या। बिल्डिंग तोडऩे का अनुबंध किया गया है तो उसके अनुबंध की प्रति उपलब्ध कराएं।
वहीं उन्होंने आवेदन में पूछा कि आपके द्वारा बिल्डिंग तोडऩे के अनुबंध शर्तों में तोड़ी गई बिल्डिंग सामग्री गेट, चौखट, चैनल, शटर, बरामदा, जाली, पटिया, फरसी, लेंटर, लोहे के गाटर, ईट आदि परिसर में रखवाया क्या। अन्य स्थान पर अनुबंध की प्रति टूटी बिल्डिंग में क्या क्या सामग्री कितनी मात्रा में निकली क्या उसकी माप कराई गई। अगर सामग्री विक्रय कर दी है। क्या नीलामी की प्रक्रिया ऑनलाइन या ऑफलाइन नीलामी की प्रक्रिया की जानकारी भी पार्षद पति ने सीएमओ से मांगी है।