संगीत के माध्यम से ईश्वर की प्राप्ति की जा सकती है-रामदत्त चक्रधर

Jan 15 2026

ग्वालियर। संस्कार भारती द्वारा हुई विद्यालयीन व महाविद्यालयीन गायन प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को जीवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार में स्वर शतकम कार्यक्रम में पुरस्कृत किया गया। पुरस्कृत टीमों ने मंच से मधुर गायन की प्रस्तुति भी दी। वहीं राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राग वैरागी भैरव, ताल आठ मात्रा में शास्त्रीय वाद्य वृंदों के माध्यम से मां दुर्गा का आह्वान कर सभागार में आध्यात्म की ऊर्जा का संचार किया। वहीं राग देस में वंदे मातरम् पर भरतनाट्यम के अद्भुत प्रदर्शन से सभी को रोमांचित कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा संगीत साधना है, भारतीय दर्शन के अनुसार संगीत के माध्यम से ईश्वर की प्राप्ति की जा सकती है। यह कई कला साधकों ने सिद्ध भी कर दिया है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की साधना सौ वर्षों वर्षों से निरंतर की जा रही है। लाखों स्वयंसेवक सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। सामान्य नागरिक के अंदर राष्ट्र प्रेम की भावना को संघ द्वारा विकसित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग संघचालक प्रहलाद सबनानी, जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे, प्रो. आलोक शर्मा मौजूद रहे।