शौर्य दिवस: पूरा शहर पुलिस की जद में

Dec 06 2025

ग्वालियर। 6 दिसम्बर यानि की भारतीय इतिहास की दो महत्वपूर्ण घटनाओं का दिन पहली घटना यह कि इस दिन सन 1956 में डॉ. भीमराव अंबेडकर का निधन हुआ था और दूसरी घटना अयोध्या में जहां कार सेवकों ने विवादित बाबरी मस्जिद को विध्वंस किया था, जिसे हर साल शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इन दो कारणों की वजह से शनिवार को जब सूर्योदय हुआ उस समय तक पूरा शहर पुलिस की जद में आ चुका था। 
मंदिर, मस्जिद, चौराहा, तिराहा, प्रमुख स्थलों सहित अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर पुलिस का पहरा लग चुका था। शहर में किसी तरह की कोई अप्रिय घटना घटित न हो सके इसलिए एसएसपी धर्मवीर सिंह ने पूरी पुलिस फोर्स के साथ मोर्चा संभाल लिया था। 
पिछले कुछ दिनों से डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर दो वर्गों के बीच काफी तनातनी का माहौल शहर में रहा है। राजनीतिक सेनाओं का दखल भी हुआ, लेकिन पुलिस व प्रशासन की मुस्तैदी से अशांति फैलाने वाले अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके। शनिवार को डॉ. भीमराव की पुण्यतिथि है और शौर्य दिवस भी मनाया जा रहा है इसे देखते हुए पुलिस पूरी तैयारी से हर जगह तैनात है। 
शहर के प्रवेश मार्गों पर वाहनों की चेकिंग की जा रही है तो जहां ग्रुप में लोग नजर आ रहे हैं उन्हें खदेड़ा जा रहा है। पुलिस अफसरों ने निर्देश जारी किए हैं कि कहीं भी कुछ गड़बड़ नजर आए तुरंत एक्शन लिया जाए।
मंदिर-मस्जिदों पर विशेष पहरा
साम्प्रदायिक तनाव फैलाने वाले अपने इरादों में कामयाब न हो पाएं, इसलिए शहर के प्रमुख मंदिर और मस्जिद पुलिस के संगीनों के साए में हैं। पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही लोगों को इनमें प्रवेश दिया जा रहा है। सडक़ पर ग्रुपों में खड़ा होने की इजाजत पुलिस ने नहीं दी है और जो राजनीतिक सेनाओं के कर्ता-धर्ता जिले में रहते हैं उनके घरों पर भी नजर रखी जा रही है। 
पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने साफ कह दिया है कि शहर में अशांति फैलाने वालों के इरादे किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने दिए जाएंगे। भलाई इसी में हैं कि जो उपद्रव फैलाने की हसरत रखते हैं वह घरों में ही रहें नहीं तो फिर सबक सिखाने का काम पुलिस को अच्छी तरह से आता है।