आधी से ज्यादा फसल कटने के बाद याद आई एसएमएस, जप्त की दो हार्वेस्टर मशीन

Dec 04 2025

भितरवार। क्षेत्र में आधे से ज्यादा किसानों की धान कटने के बाद तहसीलदार को बिना एसएमएस टूल के संचालित हार्वेस्टर मशीन की याद आ गई। और वे अचानक ऐसी हार्वेस्टर मशीनों को पकडऩे के लिए गांवों में निकल गए।
तहसीलदार को धाकड़ खिरिया गांव में बिना एसएमएस टूल की एक हार्वेस्टर मशीन धान कटाई करती दिखी। जिसे रोककर जप्त करने की कार्रवाई उनके द्वारा की गई। वहीं तहसीलदार की इस कार्रवाई के विरोध में किसानों ने सडक़ पर जाम लगा दिया।
उल्लेखनीय है कि धान कटाई के बाद खेतों में रहने वाले अवशेष पराली जलाने पर प्रशासन ने रोक लगाई है। इसके बाद भी किसान पराली जला रहे हैं। कुछ किसानों पर कार्रवाई के बाद भी पराली की आग पर अंकुश नहीं लग पाया है। ऐसी स्थिति को देखते हुए तहसीलदार धीरज परिहार ने अचानक बिना एसएमएस टूल हार्वेस्टर मशीन पर पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। क्योंकि एसएमएस टूल मशीन होने से फसल के साथ पराली भी पूरी तरह से कट जाती है।
ऐसी हार्वेस्टर मशीनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तहसीलदार धीरज परिहार गांवों में निकले। सबसे पहले वे ग्राम धाकड़ खिरिया पहुंचे। जहां उन्हें एक किसान के खेत में बिना एसएमएस टूल मशीन के हार्वेस्टर मशीन चलती दिखी। जिसे रोककर तहसीलदार ने जप्त करने की कार्रवाई की। वहीं हार्वेस्टर मशीन जप्त होने पर संबंधित किसानों ने तहसीलदार की कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए सडक़ पर जाम लगा दिया। इस दौरान एक किसान ने कहा कि अब फसल में आग लगा दें। तहसीलदार ने किसानों के विरोध के बावजूद मशीन को थाने में रखवा दिया।
वहीं उन्होंने एक ऐसी ही अन्य हार्वेस्टर मशीन को भी जप्त कर भितरवार थाने में रखवा दी है। वहीं करहिया मार्ग पर तहसीलदार की इस कार्रवाई से आक्रोशित किसानों ने लगभग एक घंटे तक सडक़ जाम रखा जिससे आवागमन काफी बाधित हुआ। बाद में अधिकारियों ने किसानों को समझाकर जाम खुलवाया। अधिकांश किसानों की फसल कटने के बाद बिना एसएमएस टूल मशीन के संचालित हार्वेस्टर मशीनों के खिलाफ की गई तहसीलदार की इस कार्रवाई को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। किसानों का कहना हैं अगर ऐसी बात थी तो स्थानीय प्रशासन को फसल कटाई से पूर्व हार्वेस्टर मशीन संचालकों के लिए यह नियम बनाना चाहिए था। अब तो बहुत कम किसानों की फसल कटाई के लिए बची है।