जीवाजी क्लब मे आयोजित विवाह समारोह में विवाद लडक़ी बोलीए दहेज लोभियों से नहीं करना शादी

Feb 16 2019

 

ग्वालियर। विवाह की वेदी पर बैठे वर वधू ने जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाईं और मांग भराई से लेकर अग्नि के फेरे भी लिएए लेकिन मंडप के नीचे उस समय विवाद की स्थिति निर्मित हो गईए जब लडक़े के परिजनों ने दहेज के रूप में हर घंटे भर बाद अपनी डिमांड बढ़ाना शुरू कर दिया। इस डिमांड को लडक़ी के परिजन पूरा भी करते रहे लेकिन विदाई के समय पर लिफाफे देने और अटैची खोलने को लेकर बात बढ़ गई और लडक़ी ने लडक़े के साथ जाने से इनकार कर दिया।  
शादी समारोह के दौरान उस समय वर वधू में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गईए जब दूल्हा के परिजनों ने लडक़ी के परिवार वालों को यह कहते हुए विदाई कराने से इनकार कर दिया कि पहले दहेज के रूप में एक लाख रुपए और दिए जायें। लडक़ी ने जब अपने पिता की आँखों में आँसू देखे तो तुरंत ही मंडप से खड़ी होकर कहा कि वह ऐसे दहेज लोभियों से शादी करने के लिये तैयार नहीं है। घटना आज शनिवार की सुबह जीवाजी क्लब में आयोजित शादी समारोह के दौरान हुई। विवाह समारोह में विवाद की खबर मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और वर वधू के परिजनों को समझाने की कोशिश करती रहीए लेकिन लडक़ी और उसके परिजनों ने शादी करने से ही इनकार कर दिया। फालका बाजार में सेनेटरी का काम करने वाले प्रतीक पुत्र सुरेश चंद्र अग्रवाल का विवाह दतिया बड़ा बाजार निवासी शिवांगी के साथ तय था। जीवाजीक्लब में विवाह समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया और रात भर जश्न के साथ ही विवाह की रस्में निभाई जा रही थीं। शनिवार की सुबह जैसे ही विदाई की बेला आई तो दहेज को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। बात मुंहवाद से बढक़र हाथापाई पर पहुंचती इससे पहले सडक़े के परिजनों ने यह कहते हुए विदा कराने से इनकार कर दिया कि पहलेे एक लाख रुपये और छह माह में हम बता देंगे किस तरह लडक़ी को रखा जाता है। यह सुनते ही लडक़ी के पिता और परिजन आंखों में आंसू लिए लडक़े और उसके परिजनों को समझाते रहेए लेकिन वह अपनी जिद पर अड़े रहे। इसके बाद लडक़ी के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस के पहुंचते ही लडक़े और उसके परिजनों के तेवर ढीले हो गए और वह विदा करने के लिये तैयार हो गएए लेकिन लडक़ी ने इस शादी से इनकार कर दिया। 
शिवांगी ने किया शादी से इनकार
शिवांगी का कहना है कि उसने इंजीनियरिंग की है और वह पैरामाउंट कंपनी में कार्यरत हैए जिसमें उसे लगभग 30 हजार रुपए वेतन भी  मिलता है। विवाह से पहले प्रतीक न पैसों की डिमांड शुरू कर दी थीए पांच लाख रुपए सगाई के समय पर दिए गए थेए लेकिन उसके बाद भी प्रतीक के परिजन पैसों की मांग करते रहे। शादी के कुछ समय पहले प्रतीक से घर को ठीक करानेए फर्नीचर खरीदने के लिए कहा तो उन्होंने यह कहते हुए खरीदने से इनकार कर दिया कि जब विदा होकर तुम आ जाओगी तब खरीदेंगे। शिवानी का कहना है कि घर में अलमारी के नाम पर कपड़े रखने के लिये भी जगह नहीं है। ऐसे में पैसे देने के बाद भी फर्नीचर नहीं लाना नीयत में खोट है। शिवांगी का कहना है कि प्रतीक उससे मिलने वाले वेतन और कार की भी मागं कर रहा था। इसलिये वह इस शादी से इनकार करते हुए औरों के लिये प्रेरणा बनना चाहती है।