सनातन धर्म के भागवत हैं श्रीराम एवं श्रीकृष्ण:भागवताचार्य

Aug 29 2025

ग्वालियर। जीवायएमसी में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन भागवताचार्य स्वामी श्रीराम दिनेशाचार्य ने कहा की बचपन में सबसे ज्यादा आनंद प्रभु रामचंद्र ने उठाया। सनातन धर्म के भागवत हैं भगवान राम भगवान कृष्ण उन्होंने कथा का विस्तार करते हुए बताया कि धरती पर जब-जब आसुरी शक्तियां बड़ी है तब तक भगवान ने सनातन की रक्षा के लिए जन्म लिया। उन्होंने व्यास पीठ से बताया कि मनुष्य को पांच देवताओं की पूजा करना चाहिए जिसमें गणपति सूर्य भगवान विष्णु भगवान शिव तथा माता देवी इन पांच देवताओं की उपासना करने से देवता प्रसन्न होते हैं। उन्होंने कहा की गौतम बुद्ध क्षत्रिय थे तथा भगवान बुद्ध ब्राह्मण थे।
उन्होंने भागवत कथा की महिमा बताते हुए कहा कि जब उद्बव ने भगवान से कहा की प्रभु आप चले जाओगे तो धर्म की रक्षा कौन करेगा तब भगवान ने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होगी तब तब मैं पृथ्वी पर जन्म लूंगा। उन्होंने कहा भागवत की पूछी केवल एक ग्रंथ नहीं है सही बात यह है कि यह पोती की साक्षात भगवान है भगवान का स्मरण करने से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है केवल पुस्तक पढऩे से ज्ञान आता है भक्ति नहीं आती।
उन्होंने कहा को गौ गौरी और गरीब की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है हमें यथासंभव गाय को चारा जरूर खिलाना चाहिए उन्होंने कहा पर सब पीड़ा कष्ट सिर्फ मां ही सह सकती है यह समर्थ ईश्वर में भी नहीं है मन ही मोक्ष लगने का सामर्थ्य रखती है उन्होंने कहा कि जीवन में मर्यादा का होना बहुत जरूरी है मर्यादा चली गई तो हम पशुवत होते चले जाएंगे।
आज की कथा में परीक्षित श्रीमती शकुंतला श्रीमती ज्योति अनिल श्रीमती ममता अनूप शिवहरे एडवोकेट श्रीमती लक्ष्मी रिंकेश श्रीमती रीना नरेंद्र श्रीमती प्रियंका अंकित श्रीमती सुनीता शिवकुमार श्रीमती अर्चना धर्मेंद्र शिवहरे ने भागवत महापुराण की आरती की इसके बाद प्रसादी वितरण किया गया।