सीएचओ, बीपीएम की बहाली को लेकर चरणबद्ध आंदोलन 9 सितंबर से: डॉ. कौरव

Aug 29 2025

ग्वालियर। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ (एनएचएम) द्वारा निष्कासित सीएचओ एवं बीपीएम की बहाली सहित अन्य मांगों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप गुर्जर ने की। अखिल भारतीय अध्यक्ष सुरेंद्र पांडे, एनएचएम राज्य कार्यकारिणी अध्यक्ष जितेंद्र भदौरिया, प्रदेश संयोजक विजय ठक्कर, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र यदुवंशी, प्रदेश अध्यक्ष सीएचओ प्रकोष्ठ डॉ. प्रभाशंकर कौरव एवं जिला अध्यक्ष धर्मवीर शुक्ला मंचासीन रहे। 
इस अवसर सीएचओ प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रभाशंकर कौरव ने आह्वान किया कि यदि निष्कासित 7 सीएचओ, 2 बीपीएम की बहाली सहित अन्य मांगों का निराकरण नहीं किया तो संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। जिसके चलते 9 से 11 सितंबर तक सभी ब्लॉक, एवं जिलों में सीएमएचओ, कलेक्टर और क्षेत्रीय विधायकों को ज्ञापन दिए जाएंगे। वहीं 16 सितंबर को प्रदेश के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी भोपाल भरो आंदोलन के तहत एनएचएम कार्यालय का घेराव करेंगे।
डॉ. कौरव ने बताया कि विगत 2018 में भाजपा सरकार द्वारा 90 प्रतिशत की नीति लागू की गई थी, इसे कैबिनेट में भी पारित किया गया। लेकिन एनएचएम अधिकारियों द्वारा उसकी अनदेखी कर दी गई। इसी तरह अभी भी संविदा और नियमित कर्मचारियों के वेतन में जमीन आसमान का अंतर होने से संविदा कर्मचारी 2023 की नीतियों को लागू करवाने, निष्कासित एनएचएम कर्मचारियों की बहाली, सीएचओ की कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि वेतन में शामिल करने के लिए लामबद्ध है।
पूर्व सीएम की घोषणाओं पर नहीं हुआ अमल
डॉ. प्रभाशंकर कौरव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की थीं। इनमें प्रतिवर्ष अनुबंध प्रक्रिया समाप्त होगी, नेशनल पेंशन स्कीम का लाभ मिलेगा, 100 प्रतिशत वेतन मिलेगा, स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा, नियमित पदों पर भर्ती में 50प्रतिशत आरक्षण, नियमित कर्मचारियों के समान मातृत्व एवं अन्य अवकाश शामिल हैं। लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक इन मांगों पर अमल नहीं किया।
ये उठाए सवाल
-एनसीडी पोर्टल पर ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग कंप्लीट होने पर दोबारा पांच साल बाद होती है। जबकि सीएचओ हर माह स्क्रीनिंग कर रहे हैं तो इसमें सीएचओ दोषी कैसे हुआ। 
-निष्कासित सीएचओ का एनसीडी पोर्टल काम नहीं कर रहा है। इसे लेकर ऑनलाइन कंप्लेंट भी की थी। समस्या न सुनते हुए एमडी ने बिना जांच के ही निष्कासित कर दिया। 
-कुछ सीएचओ पर आरोप लगे हैं कि अप्रैल 2024 से 2025 मार्च तक के पीबीआई में कूटरचित डॉक्यूमेंट से पेमेंट लिया। जबकि पीबीआई का भुगतान नवंबर तक ही हुआ है। 
-पीबीआई पोर्टल में लिखा है कि गलत कागज लगाने पर पहली बार में चेतावनी दी जाएगी। लेकिन यहां बिना चेतावनी के सीधे सेवा समाप्ति की गई।