दक्षिण विधानसभा में वोट चोरी के कारण कांग्रेस हारी थी जीता हुआ चुनाव: इब्राहिम पठान

Aug 22 2025
ग्वालियर। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 2 अगस्त 2023 को कुल 2 लाख 49 हजार 982 मतदाता थे, लेकिन मतदान से पहले 4 अक्टूबर 2023 को मतदाताओं की संख्या 2 लाख 58 हजार 203 हो गई। यानि सिर्फ 2 माह के भीतर ही 8,221 मतदाता बढ़ गए। इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस अपनी मजबूत स्थिति के बावजूद सिर्फ 2,536 वोट से चुनाव हार गई। तो क्या सिर्फ भाजपा की विजय सुनिश्चित करने के लिए यहां विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 8,221 वोट चुनाव आयोग और भाजपा की सांठगांठ से बढ़ाए गए थे? वोट चोरी की यह जानकारी दक्षिण विधानसभा में कांग्रेस के संगठन प्रभारी इब्राहिम पठान ने दी।
संगठन प्रभारी पठान ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में अचानक 16 लाख वोटर जोड़े जाने के चौंकाने वाले खुलासे का उल्लेख करते हुए दक्षिण विधानसभा सीट पर भी बड़े पैमाने पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। विधानसभा चुनाव के दो माह पहले ही लगभग 16 लाख नए मतदाता जोड़े जाने की जानकारी न तो राजनीतिक दलों को दी गई और न ही ईमानदारी के साथ सिर्फ मतदाताओं के भरोसे चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को। जाहिर है कि कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने के लिए प्रत्याशियों से वोटों की यह घट बढ़ छिपाई गई। चुनाव आयोग ने सीईओ को मतदाता सूचियों के इस अपडेशन को सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश दिए थे।
प्रशासन ने नहीं डालने दिए वोट, परिवार पर की झूठी एफआईआर
इब्राहिम पठान ने कहा कि वोटिंग के दौरान प्रशासन ने कई पॉलिंगों पर मतदान नहीं करने दिए। साथ ही वोटिंग वाले दिन तडक़े सुबह पूर्व विधायक प्रवीण पाठक के परिवार पर लूट, डकैती जैसे झूठे अपराध पंजीबद्ध किये गए। वहीं वोटरों को डरा, धमकाकर परेशान भी किया गया।
संगठन प्रभारी इब्राहिम पठान ने चुनाव आयोग और भाजपा के स्थानीय चुनाव मैनेजरों की अपवित्र सांठगांठ पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में दक्षिण सीट पर कांग्रेस अपार लोकप्रियता के उत्कर्ष को स्पर्श कर रही थी। सभी चुनावी सर्वेक्षणों में यहां भाजपा की लगातार दूसरी बार पराजय तय बताई जा रही थी। कांग्रेस के लिए यह सकारात्मक स्थिति इसलिए बनी थी क्योंकि उन्होंने अपने पांच वर्ष के विधायकी काल में एक दिन भी घर न बैठते हुए यहां बीस वर्ष के भाजपा कार्यकाल में विकास की दौड़ में पिछड़ चुके दक्षिण में विकास की गंगा प्रवाहित करने में पूरी ताकत झोंक दी थी, यहां तक कि कोरोना काल में भी घर में सुरक्षित कैद न रहते हुए अपनी जनता के बीच सेवा में जुटे रहे, वे और उनका परिवार भी कोरोना संक्रमित हो गया था। उनकी सुनिश्चित विजय को भाजपा और चुनाव आयोग ने वोट चोरी कर 2,536 वोट के अंतर से पराजय में बदल दिया। यदि चुनाव से दो महीने पहले 8,221 नाम कुनियोजित ढंग से न बढ़ाए जाते तो उनकी विजय तय थी।
इब्राहिम पठान के अनुसार नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने ऐसी 27 विधानसभा सीटों का डेटा उजागर किया है, जहां कांग्रेस प्रत्याशी बहुत कम अंतर से हारे, जबकि वहां उससे कहीं ज्यादा नए मतदाता जोड़े गए थे। कांग्रेस इसको लेकर कोर्ट में जाएगी।
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