अहंकार के कारण व्यक्ति सारी अच्छाइयां भूल जाता है-आचार्यश्री

Aug 07 2025

ग्वालियर। अहंकार के कारण व्यक्ति सारी अच्छाइयां भूल जाता है और स्वयं की कमी, दोषों और दुर्बलताओं को स्वीकार नहीं करता और उसका व्यक्तित्व अपूर्ण रह जाता है। यह सब अहंकार के कारण होता है।भाव से मुक्ति है, बंधन है सुख और दुख है। भाव का प्रवाह पल पल बदलता रहता है जैसे पताका लहराती रहती है वैसा ही हमारा मन हमेशा ऊपर नीचे, इधर-उधर होता रहता है। यह विचार आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ने नई सडक़ स्थित चंपाबाग धर्मशाला मे धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
आचार्यश्री ने कहा कि हवा जब ज्यादा आती है तो पताका ज्यादा फडफ़ड़ाती है इसी प्रकार निमित्त से प्रभावित होकर हमारा मन भी रंग बदलने लगता है। हमारे मन को संभालने और संवारने की आवश्यकता है। भाव दशा का आकलन आपको स्वयं करना चाहिए। इच्छा के बिना भाव धारा में सुधार नहीं होता है। इसके लिए आपको स्वयं संकल्प लेना होगा और प्रयत्न करना होगा। अपने आप को पहचानने का प्रयास करो। मनुष्य की असलियत को बताने वाले लोग कम होते हैं और हां में हां मिलाने बाद लोगों की संख्या इन दिनों ज्यादा ही है।