हमारी संस्कृति और सभ्यता में नारी का अद्वितीय स्थान- आशीषअग्रवाल

Mar 30 2025

ग्वालियर। अग्रवाल नारी शक्ति फाउंडेशन द्वारा होटल वीलवयू में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बहनों ने पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा और श्रृंगार में गणगौर थीम पर नृत्य व संगीत की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. वंदना भूपेन्द्र प्रेमी व अन्य पदाधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता दिखाने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस बेहद आत्मीय एवं सामाजिक कार्यक्रम में फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती शशि गर्ग, संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती रेणू मंगल, सचिव श्रीमती रूचि मित्तल सहित संस्था की पदाधिकारी एवं बहनें उपस्थित रहीं।  
अग्रवाल नारी शक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती शशि गर्ग के मार्गदर्शन में यह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बहनों ने अपनी कला और सांस्कृतिक धरोहर को मनमोहक तरीके से प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा और श्रृंगार में सजे-धजे बहनों ने गणगौर की थीम पर नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां दीं, जो भारतीय संस्कृति की सुंदरता और विविधता को दर्शाने का बेहतरीन उदाहरण था। गणगौर, जो राजस्थान का प्रसिद्ध त्योहार है, नारी शक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इस आयोजन में नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में, महिलाओं ने अपनी कला और परंपराओं को जीवित रखा। कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं में पंक्चुअलिटी की विजेता श्रीमती वंदना गर्ग रहीं। गणगौर प्रतियोगिता में पहले स्थान पर श्रीमती प्रियंका बंसल और दूसरे स्थान पर श्रीमती दीपिका अग्रवाल रहीं। यस नो गेम में पहला स्थान श्री नमिता अग्रवाल और दूसरा स्थान श्रीमती भावना अग्रवाल ने प्राप्त किया। जबकि गणगौर क्वीन से भी महिलाओं को क्राउन से सम्मानित किया गया। 
 
हमारी संस्कृति में देवों के नाम के पहले देवी का नाम लिया जाता है
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति और सभ्यता में नारी का स्थान अत्यंत विशेष है। नारी की महिमा का सही अर्थ कोई भी वाणी और शब्द नहीं व्यक्त कर सकते। यही कारण है कि हमारी संस्कृति में देवों के नाम के साथ सबसे पहले नारी का नाम लिया जाता है। जैसे जब हम भगवान श्रीराम का नाम लेते हैं तो हम “सीताराम“ कहते हैं, श्याम का नाम लेते हैं तो “राधेश्याम“ कहते हैं, और शिव का नाम लेते हैं तो “पतत् पार्वती पति“ कहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस संसार की मुख्य व्यवस्थाएं, जैसे रक्षा, वित्त, और शिक्षा, भी नारी के रूप में समर्पित हैं। रक्षा का रूप मां दुर्गा है, वित्त की देवी मां लक्ष्मी है और शिक्षा की देवी मां सरस्वती हैं। नारी वह रूप है जो देने में पूर्णता को दर्शाता है और उसका हृदय कोमल होता है। लेकिन जब आवश्यकता पड़े, तो वह दुर्गा के रूप में भी कड़ा रूप धारण कर सकती है। अगर नारी सामाजिक एकता को आगे बढ़ाने का जिम्मा ले, तो कोई भी शक्ति उसे रोकने में सक्षम नहीं हो सकती। आप सभी ने जिस भाव से मां गणपौर की आराधना की है, मां आप सभी की हर इच्छा जरूर पूरी करेंगी।
इस अवसर पर फाउंडेशन की कोषाध्यक्ष श्रीमती सीमा अग्रवाल, श्रीमती दीपिका अग्रवाल, श्रीमती दीपिका मित्तल, कार्यक्रम कन्वीनर श्रीमती अनु अग्रवाल, श्रीमती मधु अग्रवाल, श्रीमती संगीता गर्ग, श्रीमती संगीता बंसल, श्रीमती अनीता गर्ग, श्रीमती मीना अग्रवाल सहित संस्था की पदाधिकारी उपस्थित रहीं।