स्मार्ट मेटरनिटी होम में सरकारी डॉक्टर द्वारा भ्रूण हत्या,महिला के पति को भ्रूण देकर वहां से भगाया

Mar 26 2025

ग्वालियर। भ्रूण हत्या का एक मामला सामने आया है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि इस कृत्य को एक सरकारी महिला डॉक्टर अंजाम दे रही थी। यह महिला डॉक्टर वैसे तो मुरैना जिले के बानमोर में पदस्थ है पर रुपयों के लालच में आकर यह ग्वालियर में भ्रूण हत्या करने पहुंच गई थी। इनका नाम डॉक्टर नेहा नागौरी बताया गया है और घटना गुड़ा-गुड़ी का नाका स्थित एक प्राइवेट अस्पताल की है। कन्या भ्रूण हत्या का मामला सामने आते ही इसकी जानकारी कलेक्टर रुचिका चौहान को दी गई।
यह मामला पकड में तब आया जब सामाजिक कार्यकर्ताओं को इस बात की भनक लगी और उन्होंने तुरंत ही संबंधित अफसरों को इसकी सूचना देते हुए स्मार्ट मेटरनिटी होम के बाहर डेरा डाल दिया था। भ्रूण हत्या कानून अपराध है। भ्रूण परीक्षण भी अपराध है और अब टीम उस ठिकाने पर पहुंचेगी जहां लिंग परीक्षण कर बताया गया था कि पेट में पल रहा भ्रूण बालिका का है।
शहर के गुढ़ी-गुढ़ा का नाका कम्पू से बुधवार की सुबह जो खबर आई, उसने दिल दहला दिया। वहां रामजानकी मंदिर के पास स्थित स्मार्ट सिटी मेटरनिटी एवं सर्जिकल हॉस्पिटल में कन्या भ्रूण हत्या कर दी गई। सामाजिक कार्यकर्ता जो सुबह से हॉस्पिटल के बाहर खड़ी थी, उन्होंने इस बात की सूचना सीएमएचओ को दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई और अस्पताल में छापा मारा। हॉस्पिटल संचालकों को संभवत: इसकी खबर लग गई थी, इसलिए उन्होंने महिला के पति को भ्रूण देकर वहां से भगा दिया। इस बात का पता चलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पति को फोन करके कहा कि अगर बचना है तो फिर भ्रूण को लेकर वापस आ जाओ, नहीं तो जीवन भर जेल में सडऩा पड़ेगा। पर भ्रूण लेकर फरार हुआ महिला का पति पहुंचा नहीं था। जिसकी तलाश में कलेक्टर के निर्देश के बाद पुलिस पार्टियां रवाना कर दी गई हैं। 
शहर की एक सामाजिक कार्यकर्ता मीना शर्मा को इस बात की जानकारी मिली थी कि स्मार्ट सिटी मेटरनिटी एवं सर्जिकल हॉस्पिटल में चोरी छिपे कन्या भ्रूण हत्या की जा रही है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए मीना शर्मा बुधवार सुबह 6 बजे हॉस्पिटल के पास जाकर निगरानी करने लगी। इसी दौरान उन्हें पता चला कि एक महिला जिसका नाम रेणू निवासी गोल पहाडिय़ा है, उसे गत रोज भर्ती किया गया है। 
रेणू की पहले से दो बेटिया हैं। मीना शर्मा को जब पूरा यकीन हो गया कि रेणू के गर्भ में बेटी है जिसकी हत्या की जा सकती है तो उन्होंने तुरंत इसकी खबर सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव को दी। कन्या भ्रूण हत्या की जानकारी मिलते ही सीएमएचओ ने डॉ. प्रबल प्रताप सिंह को कम्पू स्थित स्मार्ट सिटी मेटरनिटी एवं सर्जिकल हॉस्पिटल में छापा मारने के निर्देश दिए और कुछ देर बाद स्वयं भी वहां गए। टीम जब वहां पहुंची तब तक रेणू के गर्भ में पल रही बच्ची की हत्या की जा चुकी थी। 
स्मार्ट सिटी मेटरनिटी एवं सर्जिकल हॉस्पिटल डॉ. शैलेन्द्र नागौरी उनकी पत्नी डॉ. गायत्री नागौरी, इनकी बहू डॉ. नेहा नागौरी तथा इसके पति डॉ. सुदीप नागौरी संचालक हैं। डॉ. शैलेन्द्र व डॉ. गायत्री बीमा अस्पताल में कार्यरत थे और वहीं से रिटायर्ड हो गए। इनकी बहू डॉ. नेहा नागौरी मुरैना जिले के बानमोर में पदस्थ बताई गई हैं। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2024 में समाप्त हो चुका है और बिल्डिंग किराए पर ली गई है। पूरे मामले में दुखद पहलू यह है कि इन डॉक्टरों पर कन्या भ्रूण हत्या रोकने की जिम्मेदारी है, जबकि यही इसमें लिप्त हैं।
इस मामले में सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव का कहना है कि स्मार्ट सिटी मेटरनिटी एवं सर्जिकल हॉस्पिटल में डॉ. नेहा नागौरी कन्या भ्रूण हत्या में लिप्त पाई गई हैं। जिस महिला के साथ ऐसा किया गया वह गोल पहाडिय़ा पर रहती है और उसका नाम रेणू हैं।