बालक की गरिमा के विरुद्ध लैंगिक दुराशय से किया गया हर कृत्य अपराध है: न्यायाधीश तरूण सिंह
Jul 10 2024
ग्वालियर। लैंगिक दुराशय से बालक की गरिमा के विरुद्ध किया गया हर कृत्य जो बालक को अनादृत करे वह पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत अपराध है। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ग्वालियर के मार्गदर्शन में आयोजित हुए पैरालीगल वॉलेन्टियर प्रशिक्षण कार्यक्रम में इस आशय के विचार विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम तरुण सिंह ने व्यक्त किए।
बुधवार को एडीआर भवन जिला न्यायालय परिसर में आयोजित हुए एक दिवसीय प्रशिक्षण में पैरा लीगल वालेंटियर्स को सपोर्ट पर्सन के रूप में कार्य करने की बारीकियां सिखाई गईं।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम तरूण सिंह ने इस अवसर पर बालकों के लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत अपराध, अन्वेषण, विचारण, दण्ड, प्रतिकर एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आशीष दवंडे ने बालकों का लैंगिक अपराधों से संरक्षण नियम 2020 के नियम 4 के अंतर्गत अपराध से पीडि़त बालक को सहायता प्रदान करने के लिए सपोर्ट पर्सन उपलब्ध कराये जाने की प्रक्रिया की जानकारी दी। साथ ही प्रथम सूचना प्रतिवेदन लेख कराने से लेकर अंतिम निर्णय तक सभी स्तरों पर सपोर्ट पर्सन के दायित्व तथा सपोर्ट पर्सन की मर्यादाएं आदि के संबंध में जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपक शर्मा ने पैरा लीगल वालेंटियर्स से 05 जून 2024 पर्यावरण दिवस से 15 अगस्त 2024 स्वतंत्रता दिवस तक चल रहे 72 दिवसीय पौधारोपण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता किये जाने का आव्हान किया।
इस अवसर पर सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी आशीष राठौर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ग्वालियर व तहसील विधिक सेवा समिति डबरा के पैरा लीगल वालेंटियर्स व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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